हरियाणा में रबी खरीद 2026-27 के लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है और 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो रही है। इस बार सरकार ने पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं, जिनका सीधा असर किसानों पर पड़ेगा।
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब मंडियों में खरीद पूरी तरह बायोमेट्रिक आधारित होगी। किसान खुद या उनके द्वारा नामित तीन लोगों में से किसी एक का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है, जिससे किसान को हर बार खुद मंडी में आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके साथ ही सभी मंडी स्थलों की जियो-फेंसिंग की गई है, जिससे गेट पास, नीलामी, जे-फार्म और लिफ्टिंग जैसी सभी गतिविधियां केवल मंडी परिसर के भीतर ही संभव होंगी।
नए नियमों के तहत गेट पास जारी करते समय वाहन की फोटो और नंबर देना जरूरी होगा। जिन वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं है, उनके लिए भी राहत दी गई है—किसान हाथ से लिखकर कागज चिपकाकर भी वाहन नंबर दर्शा सकते हैं, जिसे मान्य किया जाएगा। वहीं एग्जिट गेट पास तभी जारी होगा, जब वाहन जियो-फेंसिंग क्षेत्र के अंदर मौजूद होगा।
सरकार ने भंडारण स्थलों पर भी सख्ती बढ़ाई है। अब गोदामों में अनाज की एंट्री तभी दर्ज होगी, जब वाहन संबंधित जियो-फेंस किए गए क्षेत्र में मौजूद होगा। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी फर्जी तरीके से फसल की एंट्री या निकासी न कर सके।
इन नियमों के बीच राजेश नागर ने कहा कि राज्य की सभी अनाज मंडियों को तैयार कर लिया गया है और साफ-सफाई के साथ किसानों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा गया है। अधिकारियों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि खरीद प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकृत किसानों की उपज की पूरी खरीद की जाएगी। फसल के सत्यापन के लिए उपग्रह आधारित प्रणाली लागू की गई है, जिसमें राजस्व और कृषि अधिकारियों के साथ-साथ HARSAC के जरिए हीट मैप्स का उपयोग किया जा रहा है।
इस बार खरीद प्रक्रिया में तकनीक का बड़ा इस्तेमाल किया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ाने और बिचौलियों की भूमिका खत्म करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, नए नियमों को लेकर किसानों के बीच थोड़ी आशंका भी बनी हुई है कि शुरुआती दिनों में उन्हें कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल सरकार का दावा है कि सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार हैं और किसानों की फसल की खरीद बिना किसी बाधा के की जाएगी। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि ये नए नियम जमीनी स्तर पर कितने कारगर साबित होते हैं।





Comments are closed.