हरियाणा के साइबर हब कहे जाने वाले गुरुग्राम में महिलाओं की डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस ने एक अहम पहल की है। गुरुग्राम पुलिस ने एंटी डीपफेक एंड सेक्सटॉर्शन रैपिड रिस्पॉन्स सेल की शुरुआत की है, जिसे “डिजिटल सहेली” नाम दिया गया है। इस सेल का उद्देश्य महिलाओं के खिलाफ बढ़ते साइबर अपराधों पर तेजी से कार्रवाई करना और पीड़ितों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराना है।
इस विशेष सेल का शुभारंभ विकास कुमार अरोड़ा ने साउथ सिटी-2 स्थित निरवाना पैटियो क्लब में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया। इस मौके पर उन्होंने महिलाओं के लिए एक स्पेशल हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया, जिस पर वे 24 घंटे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगी।
पुलिस के अनुसार यह रैपिड रिस्पॉन्स सेल खास तौर पर डीपफेक वीडियो, सेक्सटॉर्शन, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अन्य साइबर अपराधों से निपटने के लिए बनाई गई है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग के साथ इन अपराधों में भी तेजी से वृद्धि हो रही है, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
गुरुग्राम जैसे बड़े और तकनीकी रूप से विकसित शहर में इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग व्यापक स्तर पर होता है। ऐसे में कई बार अपराधी महिलाओं की तस्वीरों या वीडियो का दुरुपयोग कर फर्जी कंटेंट तैयार करते हैं और उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश करते हैं। इन मामलों में अक्सर पीड़ित महिलाएं शिकायत दर्ज कराने में झिझक महसूस करती हैं।
पुलिस कमिश्नर विकास कुमार अरोड़ा ने कहा कि डिजिटल युग में महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। “डिजिटल सहेली” के माध्यम से महिलाएं बिना किसी डर के तुरंत शिकायत दर्ज करा सकेंगी। इसके बाद विशेषज्ञों की टीम मामले की तेजी से जांच करेगी और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस सेल में साइबर एक्सपर्ट्स, तकनीकी विशेषज्ञों और महिला पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम तैनात की गई है। यह टीम शिकायत मिलने के तुरंत बाद तकनीकी जांच शुरू करेगी और पीड़ितों को आवश्यक सहायता भी प्रदान करेगी।
पुलिस का मानना है कि यह पहल न केवल सेक्सटॉर्शन और डीपफेक जैसे अपराधों पर रोक लगाने में मदद करेगी, बल्कि महिलाओं में डिजिटल जागरूकता भी बढ़ाएगी। इससे वे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय अधिक सतर्क रह सकेंगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी पुलिस को दे सकेंगी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और इस पहल का स्वागत किया। कई महिलाओं ने कहा कि इस तरह की व्यवस्था से उन्हें ऑनलाइन दुनिया में अधिक सुरक्षित महसूस होगा। उन्होंने अपने अनुभव और चिंताओं को भी साझा किया और ऐसी व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया।
गुरुग्राम पुलिस की यह पहल महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मॉडल को अन्य शहरों में भी अपनाया जाए, तो महिलाओं के खिलाफ होने वाले साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।





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