1. News
  2. हरियाणा न्यूज
  3. हरियाणा में किसानों की बल्ले-बल्ले, अब 40000 की जगह 50000 मिलेगा प्रति एकड़ मुआवजा

हरियाणा में किसानों की बल्ले-बल्ले, अब 40000 की जगह 50000 मिलेगा प्रति एकड़ मुआवजा

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने साफ संकेत दे दिए हैं कि इस बार घोषणाएं सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि गांव स्तर तक उनका असर दिखना चाहिए।

हरियाणा में किसानों की बल्ले-बल्ले
हरियाणा में किसानों की बल्ले-बल्ले

हरियाणा में बजट पेश हुए अभी एक महीना ही हुआ है, लेकिन सरकार अब इसे जमीन पर उतारने के लिए तेजी से एक्टिव हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने साफ संकेत दे दिए हैं कि इस बार घोषणाएं सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि गांव स्तर तक उनका असर दिखना चाहिए।

वीरवार को मुख्यमंत्री ने ऊर्जा, स्वास्थ्य, राजस्व, कृषि समेत कई अहम विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर बजट घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर योजना की साफ और विस्तृत कार्य योजना बनाई जाए, ताकि समय पर काम पूरा हो सके।

मुख्यमंत्री ने खास तौर पर कहा कि बजट में जो भी घोषणाएं की गई हैं, उनकी जानकारी गांव-गांव तक पहुंचनी चाहिए। इसके लिए ग्राम सभाओं में इन योजनाओं पर चर्चा कर प्रस्ताव पास किए जाएं और इसकी रिपोर्ट सीधे सीएम ऑफिस तक भेजी जाए।

किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में बड़ा बदलाव किया है। अब प्राकृतिक आपदा से फलों की फसल खराब होने पर मुआवजा 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये प्रति एकड़ कर दिया गया है। वहीं सब्जियों और मसालों की फसल के लिए मुआवजा 30 हजार से बढ़ाकर 40 हजार रुपये प्रति एकड़ कर दिया गया है।

सरकार का कहना है कि हरियाणा देश के उन राज्यों में शामिल है, जहां किसानों को फसल के बाजार भाव में कमी होने पर भी ‘भावांतर भरपाई योजना’ के जरिए राहत दी जाती है। इसके अलावा बागवानी बीमा योजना में किसानों को सिर्फ 2.5 प्रतिशत प्रीमियम देना होता है, बाकी खर्च सरकार उठाती है।

बैठक में किसानों से जुड़े एक और बड़े फैसले पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी 775 किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) की बैठक बुलाने के निर्देश दिए और कहा कि वे खुद भी इसमें शामिल होंगे। उनका मानना है कि किसान अगर समूह में काम करेंगे तो उनकी आमदनी बढ़ेगी।

सरकार ने यह भी बताया कि केंद्र के लक्ष्य के तहत हरियाणा में 172 एफपीओ बनाने का टारगेट मिला था, जिनमें से कई पहले ही बनाए जा चुके हैं। अब इनको और मजबूत करने पर फोकस रहेगा।

कुल मिलाकर सरकार बजट के बाद अब सीधे एक्शन मोड में नजर आ रही है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि ये योजनाएं जमीन पर कितना असर दिखाती हैं और आम लोगों, खासकर किसानों को कितना फायदा मिलता है।

हरियाणा में किसानों की बल्ले-बल्ले, अब 40000 की जगह 50000 मिलेगा प्रति एकड़ मुआवजा
Comment

हमारी ख़बरों के अपडेट ईमेल पर पाएं

अगर आप किसी भी ख़बर को मिस नहीं करना चाहते तो अपना ईमेल भरकर अभी सब्सक्राइब कर लें.

Comments are closed.

Install App

By installing our application, you can access our content faster and easier.

कहां जा रहे हो, फ़ॉलो करते तो जाओ।