हरियाणा सरकार ने राज्य में योजनाबद्ध शहरी विकास को गति देने के लिए आवासीय परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू किया है। सरकार का दावा है कि दीनदयाल आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में लाइसेंस जारी किए गए हैं, जिससे हजारों एकड़ जमीन पर आवासीय विकास का रास्ता खुला है।
विपुल गोयल ने बताया कि वर्ष 2016 से अब तक राज्य में 760 लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से 7618 एकड़ से अधिक भूमि पर आवासीय विकास कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों और मध्यम वर्ग के लोगों को किफायती आवास उपलब्ध कराना है, ताकि हर परिवार के पास अपने घर की छत का सपना पूरा हो सके।
पंचकूला में विधानसभा सत्र के दौरान उन्होंने सदन को जानकारी देते हुए कहा कि हरियाणा में शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है और इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार योजनाबद्ध तरीके से शहरों का विस्तार कर रही है। दीनदयाल आवास योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है, जिसके जरिए लोगों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवासीय क्षेत्र उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में आवासीय कॉलोनियों और सेक्टरों का विकास व्यवस्थित ढंग से किया जा रहा है। इसके साथ ही हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के माध्यम से कई क्षेत्रों में नए सेक्टर विकसित किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्राधिकरण के अंतर्गत 56 सेक्टरों में लगभग 5529.20 एकड़ क्षेत्र में विकास कार्य चल रहा है, जिससे भविष्य में बड़ी संख्या में लोगों को आवासीय सुविधाएं मिल सकेंगी।
इसी दौरान राज्य सरकार ने सड़कों के विकास को लेकर भी जानकारी साझा की। रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रदेश में सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नूंह से पलवल वाया मंडकोला सड़क की लंबाई लगभग 30 किलोमीटर है, और इस मार्ग के विकास से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा।
विधानसभा में बुनियादी ढांचे से जुड़े अन्य प्रोजेक्ट्स पर भी चर्चा हुई। श्रुति चौधरी ने बताया कि पिहोवा के कंथला गांव में नया ओवरब्रिज बनाने के लिए प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। इस परियोजना पर लगभग 8 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत आने का अनुमान है। ओवरब्रिज का डिजाइन और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि कंथला से मलिकपुर मार्ग पर स्थित पुल का पुनर्निर्माण किया जाएगा और इसे 7.5 मीटर चौड़ी सड़क के साथ विकसित किया जाएगा, ताकि यातायात सुगम हो सके।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में जल संसाधनों के संरक्षण पर भी सरकार ध्यान दे रही है। कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि राज्य सरकार पारंपरिक तालाबों की सफाई, मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है।
उन्होंने जानकारी दी कि झज्जर विधानसभा क्षेत्र में कई तालाबों के पुनर्जीवन का कार्य पूरा किया जा चुका है। इनमें भूरावास का प्राचीन तालाब, तलाव गांव में बगला चौपाल के पास स्थित गुई जोहड़, छुछकवास के खरिया तालाब और खेड़ी खुमार गांव का रामेश्वर तालाब शामिल हैं। इन जल स्रोतों के पुनर्जीवन से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संतुलन भी मजबूत होगा।
सरकार का कहना है कि शहरी विकास, सड़क निर्माण और जल संरक्षण जैसे क्षेत्रों में एक साथ काम करके राज्य के समग्र विकास को आगे बढ़ाया जा रहा है। दीनदयाल आवास योजना के तहत जारी लाइसेंस और तेजी से चल रहे आवासीय प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में हरियाणा के शहरी नक्शे को काफी हद तक बदल सकते हैं।





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