हरियाणा भारत का एक प्रमुख राज्य है, जो अपनी समृद्ध संस्कृति, कृषि, उद्योग और खेल प्रतिभाओं के लिए जाना जाता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि हरियाणा के जिलों का गठन अलग-अलग समय पर हुआ है और इसके पीछे प्रशासनिक सुधार और विकास की बड़ी भूमिका रही है। जब 1 नवंबर 1966 को हरियाणा राज्य का गठन हुआ था, उस समय राज्य में केवल 7 जिले थे। समय के साथ जनसंख्या बढ़ने, प्रशासनिक कार्यों के विस्तार और विकास योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए नए जिलों का गठन किया गया। वर्तमान में हरियाणा में कुल 23 जिले हैं।
इस लेख में हरियाणा के सभी जिलों के गठन वर्ष, प्रशासनिक इतिहास और नए जिलों के गठन के पीछे के कारणों की पूरी और प्रमाणिक जानकारी दी गई है।
हरियाणा राज्य का गठन और प्रारंभिक जिले
हरियाणा राज्य का गठन भाषाई आधार पर पंजाब से अलग करके किया गया था। उस समय राज्य में निम्न प्रमुख जिले शामिल थे।
| क्रम | जिला | गठन वर्ष |
|---|---|---|
| 1 | अंबाला जिला | 1966 |
| 2 | भिवानी जिला | 1966 |
| 3 | फरीदाबाद जिला | 1966 |
| 4 | गुरुग्राम जिला | 1966 |
| 5 | हिसार जिला | 1966 |
| 6 | जींद जिला | 1966 |
| 7 | करनाल जिला | 1966 |
| 8 | महेंद्रगढ़ जिला | 1966 |
| 9 | रोहतक जिला | 1966 |
| 10 | सिरसा जिला | 1966 |
| 11 | सोनीपत जिला | 1966 |
इन जिलों ने हरियाणा राज्य के प्रशासनिक ढांचे की नींव रखी। उस समय कई जिले भौगोलिक रूप से बहुत बड़े थे, जिससे प्रशासनिक कार्यों में कठिनाई होती थी।
1970 और 1980 के दशक में बने नए जिले
राज्य में प्रशासनिक सुधार के लिए नए जिलों का गठन शुरू हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवाओं को लोगों तक पहुंचाना और प्रशासनिक कार्यों को सरल बनाना था।
| क्रम | जिला | गठन वर्ष |
|---|---|---|
| 1 | कुरुक्षेत्र जिला | 1973 |
| 2 | पानीपत जिला | 1989 |
| 3 | कैथल जिला | 1989 |
| 4 | रेवाड़ी जिला | 1989 |
| 5 | यमुनानगर जिला | 1989 |
इन जिलों के गठन से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आई और लोगों को सरकारी सुविधाएं आसानी से मिलने लगीं।
1990 के दशक में प्रशासनिक विस्तार
1990 के दशक में हरियाणा में तेजी से विकास हुआ, जिससे नए जिलों की आवश्यकता महसूस हुई।
| क्रम | जिला | गठन वर्ष |
|---|---|---|
| 1 | पंचकूला जिला | 1995 |
| 2 | फतेहाबाद जिला | 1997 |
| 3 | झज्जर जिला | 1997 |
इन जिलों के गठन से स्थानीय स्तर पर प्रशासन मजबूत हुआ और विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव हुआ।
2000 के बाद बने नए जिले
2000 के बाद हरियाणा में नए जिलों का गठन विकास और प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा।
| क्रम | जिला | गठन वर्ष |
|---|---|---|
| 1 | नूंह जिला | 2005 |
| 2 | पलवल जिला | 2008 |
| 3 | चरखी दादरी जिला | 2016 |
चरखी दादरी हरियाणा का सबसे नया जिला है, जिसे प्रशासनिक सुविधा के लिए बनाया गया था।

2020 के बने नए जिले
नए जिले बनाने के मुख्य कारण
हरियाणा में नए जिले बनाने के पीछे कई प्रशासनिक और विकास से जुड़े कारण रहे हैं। राज्य की जनसंख्या लगातार बढ़ रही थी और बड़े जिलों में प्रशासनिक कार्यों को संभालना कठिन हो रहा था। लोगों को सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती थी।
नए जिलों के गठन से प्रशासनिक सेवाएं लोगों के करीब पहुंचीं और सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से मिलने लगा। इससे कानून व्यवस्था मजबूत हुई और विकास कार्यों की गति बढ़ी।
हरियाणा के जिलों का प्रशासनिक महत्व
हरियाणा के जिले राज्य प्रशासन की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं। प्रत्येक जिले में उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और अन्य सरकारी अधिकारी तैनात होते हैं, जो प्रशासनिक कार्यों को संचालित करते हैं। जिले विकास योजनाओं को लागू करने, कानून व्यवस्था बनाए रखने और सरकारी सेवाओं को जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हरियाणा में जिलों की वर्तमान संख्या
वर्तमान समय में हरियाणा में कुल 22 जिले हैं। यह जिले राज्य के प्रशासनिक ढांचे का आधार हैं और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
| कुल जिले | सबसे नया जिला | गठन वर्ष |
|---|---|---|
| 23 | हांसी | 2025 |
भविष्य में नए जिलों की संभावना
हरियाणा में कई क्षेत्रों से नए जिले बनाने की मांग उठती रहती है। प्रशासनिक सुविधा और विकास को ध्यान में रखते हुए भविष्य में नए जिलों का गठन संभव है। हालांकि वर्तमान में चरखी दादरी सबसे नया जिला है।
निष्कर्ष
हरियाणा राज्य का प्रशासनिक ढांचा समय के साथ विकसित हुआ है। 1966 में केवल 7 जिलों से शुरू होकर आज हरियाणा में 23 जिले हो गए हैं। नए जिलों के गठन से प्रशासनिक कार्यों में सुधार हुआ है और विकास को गति मिली है। हाँसी हरियाणा का सबसे नया जिला है, जिसे 2025 में बनाया गया था। हरियाणा के जिलों का गठन राज्य के प्रशासनिक और विकासात्मक इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।





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