हरियाणा सरकार ने राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के लाखों बीपीएल राशन कार्ड धारकों को सही मात्रा में और समय पर राशन मिले, इसके लिए सरकार अब सभी राशन डिपो पर नई तकनीक आधारित 5G OPS मशीनें और डिजिटल कांटे लगाने जा रही है। सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद राशन में गड़बड़ी, कम तौल और फर्जीवाड़े जैसी शिकायतों पर काफी हद तक रोक लग सकेगी।
सरकार की नई योजना के तहत डिजिटल कांटा और 5G OPS मशीन एक-दूसरे से कनेक्ट रहेंगे। राशन का पूरा वजन होने के बाद ही कार्डधारक की स्कैनिंग प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उपभोक्ता को निर्धारित मात्रा में ही राशन मिले। नई प्रणाली में केवल फिंगरप्रिंट ही नहीं, बल्कि आई स्कैनिंग की सुविधा भी दी जाएगी, जिससे बुजुर्गों और मजदूर वर्ग के लोगों को राहत मिलेगी।
हरियाणा में मौजूदा समय में करीब 9,247 राशन डिपो संचालित हो रहे हैं, जहां से लगभग 40.69 लाख बीपीएल कार्डधारक राशन प्राप्त कर रहे हैं। विभागीय जानकारी के अनुसार 15 जून 2026 तक प्रदेश के सभी डिपो पर नई मशीनें पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों और डिपो संचालकों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
सरकार प्रदेश में चार हजार से अधिक नए राशन डिपो खोलने की तैयारी भी कर रही है। इसका उद्देश्य यह है कि लोगों को राशन लेने के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े। नई योजना के तहत करीब 500 मीटर के दायरे में राशन डिपो की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
अब तक राशन डिपो पर इस्तेमाल हो रही 2G आधारित मशीनों में नेटवर्क की समस्या सबसे बड़ी परेशानी बनी हुई थी। कई बार सर्वर डाउन होने की वजह से लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता था। वहीं बुजुर्गों की उंगलियों के निशान साफ न आने के कारण फिंगरप्रिंट स्कैनिंग में भी दिक्कत आती थी। नई आई स्कैनिंग तकनीक से इस समस्या का समाधान होने की उम्मीद जताई जा रही है।
खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर ने कहा कि नई मशीनें और डिजिटल कांटे राशन वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाएंगे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि राशन वितरण प्रणाली की लगातार निगरानी की जाए ताकि पात्र लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सरकार का मानना है कि नई तकनीक लागू होने के बाद राशन उपभोक्ताओं को न केवल बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि राशन वितरण में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।





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