हरियाणा में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है और हालात ऐसे बन रहे हैं कि किसानों के साथ-साथ आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से आज प्रदेश के लगभग सभी जिलों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि दक्षिण हरियाणा के कई इलाकों में स्थिति ज्यादा गंभीर मानी जा रही है, जहां ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार आज अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होगी। खासतौर पर हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, भिवानी और महेंद्रगढ़ जैसे दक्षिण और पश्चिम हरियाणा के इलाकों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है। इन क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
उत्तरी और पूर्वी हरियाणा के अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, करनाल और कुरुक्षेत्र जिलों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। यहां बिजली गिरने के साथ बारिश के आसार हैं। वहीं रोहतक, झज्जर, सोनीपत और पानीपत जैसे मध्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है।
पिछले कुछ दिनों से लगातार बदल रहा मौसम पहले ही किसानों के लिए परेशानी का कारण बन चुका है। 31 मार्च को हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद अब 2 अप्रैल को भी हिसार, फतेहाबाद और सिरसा में तेज आंधी और बारिश देखने को मिली। खासतौर पर हिसार में रात के समय तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने मौसम को और ठंडा कर दिया।
लगातार खराब हो रहे मौसम का सबसे ज्यादा असर फसलों पर पड़ रहा है। करीब 100 गांवों में गेहूं, सरसों और चने की फसलों को नुकसान पहुंच चुका है। ऐसे में किसानों के लिए यह अलर्ट और चिंता बढ़ाने वाला है, क्योंकि 3 और 4 अप्रैल को भी फिर से बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि कई जगहों पर यह 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
फिलहाल मौसम के इस लगातार बदलते मिजाज ने साफ कर दिया है कि अगले कुछ दिन हरियाणा के लिए भारी पड़ सकते हैं। ऐसे में किसानों को खास तौर पर सावधानी बरतने और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।





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